- उज्जैन महाकाल मंदिर में अलौकिक सुबह: चांदी के पट खुले, भस्म आरती में गूंजा ‘जय श्री महाकाल’
- महाकाल मंदिर में भस्म आरती: पंचामृत अभिषेक के बाद भस्म चढ़ी, गूंजा ‘जय श्री महाकाल’
- महाकुंभ जैसा होगा सिंहस्थ 2028, पार्किंग स्थलों का हुआ निरीक्षण: अधिकारियों के जारी किए निर्देश, कहा - घाट तक आसान पहुंच पर जोर
- महाकाल मंदिर पहुंचे मिलिंद सोमन और नितीश राणा: भस्म आरती में हुए शामिल, 2 घंटे नंदी हॉल में किया जाप
- तड़के महाकाल के कान में स्वस्ति वाचन, फिर खुला चांदी का पट! भस्म अर्पण के बाद साकार रूप में दर्शन
उज्जैन:राणोजी की छत्री पर गिरा इमली का विशाल पेड़
पंडित और यजमान बाल-बाल बचे, फर्शियां व रेलिंग उखड़ीं
उज्जैन।सुबह राणोजी की छत्री में बड़ा हादसा टल गया। यहां लगा वर्षों पुराना इमली का विशाल पेड़ अचानक छतरी पर गिरा जो फिसलता हुआ जमीन पर आया। इस दौरान छतरी में पंडित और यजमान पूजन कार्य कर रहे थे जिन्होंने भागकर जान बचाई और बड़ा हादसा टल गया।
सिंहस्थ महापर्व के पूर्व नगर निगम द्वारा शिप्रा नदी के किनारे स्थित राणोजी की छत्री में लाखों रुपये खर्च कर निर्माण कार्य करवाये थे। इसी के अंतर्गत छत्रियों के आसपास लगे वर्षों पुराने इमली के विशाल वृक्षों से चिपकाकर ओटले बनाये और लाल पत्थर लगा दिये थे।
सुबह करीब 9 बजे शिप्रा नदी में बाढ़ आने की वजह से पंडितों द्वारा छत्रियों में बैठकर पूजन व कर्मकांड यजमानों से कराया जा रहा था उसी दौरान इमली के विशाल वृक्ष ने जड़ें छोड़ दीं और छत्री के गुम्मद पर टिक गया जैसे ही लोगों ने पेड़ गिरते देखा तो इधर उधर भागने लगे। कुछ ही मिनटों में पेड़ गुम्मद से घिसता हुआ फर्शियों को तोड़ते हुए जमीन पर गिरा। दुर्घटना में कोई हताहत नहीं हुआ, लेकिन गुम्मद, उसकी फर्शियों के अलावा लाल पत्थरों से बनी रेलिंग टूटकर क्षतिग्रस्त हो गई। विशाल वृक्ष जमीन पर गिरते ही धमाके की आवाज सुनकर बड़ी संख्या में भीड़ इकट्ठा हो गई। यहां मौजूद पुलिस व होमगार्ड जवानों ने भीड़ को हटाकर पेड़ गिरने की सूचना नगर निगम को दी।


